कुशीनगर :तरयासुजान पुलिस ने घटना में साढ़े चार सौ अज्ञात लोगों पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज ( रिपोर्ट : गोल्डेन कुशवाहा )

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तरयासुजान पुलिस ने घटना में साढ़े चार सौ अज्ञात लोगों पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज

गोल्डेन कुशवाहा

कुशीनगर जिले के तरयासुजान पुलिस की अभिरक्षा से छीनकर आरोपी हत्यारे को पिट पिट कर मार डालने के मामले में पुलिस ने इंस्पेक्टर हरेंद्र मिस्र की तहरीर पर साढ़े चार सौ अज्ञात लोगों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या तथा अन्य गम्भीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है।

माब लिंचीग में हत्यारे को पीट-पीट कर मार डालने के मामले में मुकदमा दर्ज होने की खबर सार्वजनिक होने के बाद लोगों में हड़कम्प मचने के साथ गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
सुधीर सिंह को पिस्टल से ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर देने के बाद छत पर चढ़ कर पिस्टल से फायरिंग करता रहा हत्यारा
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुधीर सिंह के हत्या के बाद छत पर चढ़कर असलहा लहरा रहे आरोपी हत्यारे को जाबांजी दिखाते हुए थानाध्यक्ष तरयासुजान ने पकड़ तो लिया।
एक वहशी हत्यारे ने उजाड़ दिया बीबी का सुहाग असहाय बना दिया परिवार
लेकिन मौके पर पुलिस फोर्स के कम होने तथा सहयोगियों से बैकअप न मिलने की दशा में आक्रोशित भीड़ ने आरोपी आर्यमान को पुलिस के हाथों से छीनकर पीट-पीट कर मार डाला।
सदमे में पड़ी सुधीर सिंह की बेटी
पुलिस के साथ-साथ साहस का परिचय देते हुए अज्ञात युवक द्वारा एक दक्ष पत्रकार के तरह बनाये गए बीडीओ क्लिप में यह स्पष्ट दिख रहा है कि इंस्पेक्टर ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने का भरपूर प्रयास किया और हवाई फायर भी किया। लेकिन भीड़ के आक्रोश के आगे उनकी एक न चली।
पुलिस ने जान की बाजी लगाकर हमलावर युवक को छत पर चढ़ लिया हिरासत में
इस मामले में पुलिस की लापरवाही मानते हुए उच्चाधिकारियों ने इंस्पेक्टर तरयासुजान को भले ही निलंबित कर दिया। लेकिन जो बीडीओ वायरल हुआ है। उसमे निलंबित थानाध्यक्ष की भूमिका देखकर लोग उन्हें हीरो की संज्ञा दे रहे है और उनकी भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे है।
भीड़ में जाबांज पुलिस कर्मी अंततक हत्यारे को भीड़ से बचाने में जूझते रहे पर आक्रोशित भीड़ के आगे विवश रही पुलिस
जहा अन्य तमाम मामलों में थानाध्यक्ष तरयासुजान की अक्षमता या लापरवाही पर चाहे जो चर्चा करे वह सब जायज हो सकता है। लेकिन इस मामले में उनकी भूमिका और कर्तब्यनिष्ठता के खूब चर्चे हो रहे है।
इस मामले में जैसे ही लोगो को पता चला कि डीआईजी घटनास्थल का दौरा करने वाले है तो लोगो ने यह मन बना लिया कि चलकर उनसे पूछा जाए कि जाबांजी और कर्तब्यनिष्ठता का इनाम निलंबन होता है क्या ? कतिपय कारणों से डीआईजी साहब घटनास्थल पर नही पहुंच पाए और लोग मन मसोस कर रह गए।
माब लिंचिंग के इस मामले में इंस्पेक्टर हरेंद्र मिश्र की तहरीर पर तरयासुजान थाने में अपराध संख्या 362 धारा 147, 148,188,269,270,304 आईपीसी और 51(बी)आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत साढ़े चार सौ अज्ञात लोगो के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है।
माब लिंचिंग के मामले में साढ़े चार सौ लोगो के विरूद्ध गैर इरादतन हत्या का अभियोग पंजीकृत होने का मामला सार्वजनिक होने के बाद गांव में हड़कम्प मचा हुआ है।
हालांकि कल जो भीड़ के शक्ल में पुलिस के अभिरक्षा से आरोपी को छीनकर उसकी हत्या करने में अग्रणी थे। वह लोग अब अपने अपने बचाव का रास्ता तलाश रहे है।

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