केरल:- हथिनी की हत्या पर बोले वनाधिकारी, गर्भवती हथिनी की हत्या के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ( रिपोर्ट:- आकाश मोदी )

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हथिनी की हत्या पर बोले वनाधिकारी, गर्भवती हथिनी की हत्या के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

रिपोर्ट:- आकाश मोदी 

केरल:- मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को पलक्कड़ जिले में एक गर्भवती हाथी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है. गर्भवती हथिनी को पटाखे से भरा अनानास खिलाया गया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी. विजयन ने कहा “गर्भवती हथिनी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.” उन्होंने कहा “वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

इस घटना के एक हफ्ते बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जंगली हथिनी साइलेंट वैली के जंगल से भोजन की तलाश में पास के गांव में आ गई थी. जहां कुछ शरारती तत्वों ने उसे पटाखों से भरे अनानास खिलाये. कहा गया है कि ग्रामीण जंगली सूअरों के खिलाफ अपने खेतों की रक्षा के लिए इनका उपयोग करते हैं. पुलिस ने एक जांच शुरू की है और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

वन अधिकारियों का कहना है कि जब हथिनी ने फल खाया, तो पटाखों से उसके मुंह में विस्फोट हो गया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई. एक रिपोर्ट के अनुसार एक ऐसी ही घटना अप्रैल में कोल्लम जिले में हुई थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी. अधिकारियों का कहना है कि “वह बहुत कमजोर थी और हम उसे शांत नहीं कर सके. हमने उसे कुछ दवा देने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे”.

मोहन कृष्णन ने क्या लिखा था

एक वन अधिकारी मोहन कृष्णन ने इस पूरी घटना को अपने फेसबुक पर लिखा था. उन्होंने लिखा ”उसने सभी पर भरोसा किया. जब वह अनानास खा गई और कुछ देर बाद उसके पेट में यह फट गया तो वह परेशान हो गई. हथिनी अपने लिए नहीं बल्कि उसके पेट में पल रहे बच्चे के लिए परेशान हुई होगी, जिसे वह अगले 18 से 20 महीने में जन्म देने वाली थी.’ कृष्णन जो घायल प्राणी की मदद करने के लिए प्रारंभिक प्रतिक्रिया टीम का हिस्सा थे, उन्होने कहा कि उसने गांवों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया क्योंकि वह अच्छाई से भरी थी.

उन्होने लिखा अधिकारियों ने पानी से उसे लुभाने के प्रयास किया, दो अन्य हाथियों को नदी में उतारा, लेकिन शायद वह मरने के लिए नदी में आयी थी. कृष्णन ने आगे लिखा ”मुझे लगता है कि उसकी छठी इंद्रिय थी. उसने हमें कुछ करने नहीं दिया”. बुधवार को शाम 4 बजे वेल्लियार नदी में खड़े रहने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. कृष्णन ने हाथी की मौत पर दुख जताते हुए कहा ” उसे विदाई देने की जरूरत है. इसके लिए हम उसे एक जंगल में ले गए. उन्होंने कहा ‘वह जलाऊ लकड़ी पर लेटी थी, उस भूमि में जहां वह खेलती थी और बड़ी हुई थी. उसका पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया कि वह अकेली नहीं थी.”

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