नोएडा:- नोएडा का बाइक बोट घोटाला: पांच जिलों में छापेमारी के बाद 178 बाइक्स बरामद ( रिपोर्ट:- राजेश कुमार यादव )

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नोएडा का बाइक बोट घोटाला: पांच जिलों में छापेमारी के बाद 178 बाइक्स बरामद

रिपोर्ट राजेश कुमार यादव

नोएडा:- यूपी में हुए बाइक बोट स्कैम का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को कई जिलों में हुई छापेमारी में 178 बाइक्स बरामद की गईं। सभी बाइक्स गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए बाइक बोट घोटाले में दिन-ब-दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सोमवार को मेरठ जोन के 5 जिलों में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने छापेमारी की। इस छापेमारी में मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और बागपत को मिलाकर कुल 178 बाइक्स बरामद की गईं। ये सभी बाइक्स गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।

ईओडब्ल्यू की मेरठ सेक्टर की 5 टीमों ने एक साथ पांच जिलों में छापेमारी की। इस छापेमारी में भारी मात्रा में गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स के नाम पर रजिस्टर बाइक बरामद की गईं। मुजफ्फरनगर से 50, गाजियाबाद से 72, हापुड़ से 22, मेरठ से 21 और बागपत से कुल 13 बाइक बरामद की गई हैं। 1500 करोड़ रुपये से अधिक के इस बाइक बोट घोटाले की जांच अब सीबीआई के हाथ में है।
बाइक बोट घोटाले की जांच में बेनकाब होंगे कई बड़े चेहरे
कंपनी का मालिक संजय भाटी फ्रॉड करने वालों का रोल मॉडल बन चुका था। उससे प्रभावित होकर कई अन्य लोगों ने भी ऐसी कंपनी बनाकर फ्रॉड किया। इनमें से नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 3 से अधिक कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। इनके निवेशक अपनी रकम वापस पाने के लिए थानों के चक्कर काट रहे हैं। कहा जा रहा है कि मामला सीबीआई के पास जाने के बाद अब इस केस में कई अन्य बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।
क्या है मामला?
साल 1998 में काशीपुर से कैमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर चुके संजय ने जनवरी 2010 में गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी खोली थी। वर्ष 2017 में बाइक बोट के नाम से स्कीम शुरू की। इसमें एक बाइक पर 62100 रुपये निवेश करने पर एक साल में 1 लाख 17 हजार 180 रुपये मासिक किस्तों में लौटाए जाने की योजना थी। बाइक बोट स्कीम लॉन्च होने के कुछ ही दिनों में यूपी के अलग-अलग जिलों से होती हुई राजस्थान, गुड़गांव, रोहतक, पानीपत, पंजाब, मध्य प्रदेश, इंदौर, महाराष्ट्र और उत्तराखंड तक फैल गई।

इस कंपनी में 2 लाख 25 हजार से अधिक निवेशक फंसे हुए हैं। अब तक 1500 करोड़ रुपये से अधिक का फ्रॉड सामने आ चुका है। फिलहाल इसकी जांच एसआईटी कर रही थी। अब सीबीआई मामले को अपने हाथ में लेगी। यमुना अथॉरिटी एरिया के 126 करोड़ रुपये के जमीन खरीद घोटाले के बाद नोएडा जिले का यह दूसरा सबसे बड़ा मामला है, जिसे सीबीआई ने अपने हाथ में लिया है !

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