संतकबीरनगर:- नवनिर्मित हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर पहुंचे डा उदय प्रताप चतुर्वेदी लोगो ने किया स्वागत ( रिपोर्ट:- विजय गुप्ता )

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नवनिर्मित हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर पहुंचे डा उदय प्रताप चतुर्वेदी लोगो ने किया स्वागत

रिपोर्ट:- विजय गुप्ता

संतकबीरनगर:- ब्रह्माण्ड मे ‘पवन सुत हनुमान’ की परिकल्पना वीरता, तपस्या और त्याग के संयुक्त समावेश का प्रतीक है। उनके स्मरण से ही मनुष्य के अंदर खुद के शक्तिशाली होने का अहसास होने लगता है। ऐसे वीर,न्यायप्रिय और तपस्वी प्रभू हनुमान की पूजा का अवसर मिलना ही मानव जीवन की उत्पत्ति को सार्थक करता है। उक्त बातें सूर्या इण्टरनेशनल एकेडमी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं समाजसेवा के अग्रदूत डा उदय प्रताप चतुर्वेदी ने मंगलवार को खलीलाबाद ब्लाक के डुमरी मे नवनिर्मित हनुमान मंदिर मे आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह मे कही। डा चतुर्वेदी ने कहा कि वीर हनुमान को सनातन धर्म का मुख्य स्तंभ माना जाता है। उन्होंने सतयुग मे बुराईयों, निर्बलों के उत्पीड़न और राक्षसी प्रवृत्ति के समूल को नष्ट करके धर्म और शास्त्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया था। आज समाज मे बढ रही इन्हीं प्रवृत्तियों को दूर करने के लिए उनके भक्तों उनके ही पदचिन्हों पर चलने की शपथ लेनी होगी। डा चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि पूजा और श्रद्धा अपने आराध्य के सत्कर्मों को खुद के भीतर आत्मसात् करने का माध्यम होती है। खुद को तपा कर वीर हनुमान से प्रेरणा लेकर ही हम उनके प्रति अपनी आस्था का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। डा चतुर्वेदी ने आज के परिवेश मे फैली बुराईयों को राक्षसी प्रवृत्ति का द्योतक बताते हुए मौजूद जन मानस से इसके खिलाफ वीर हनुमान के विचारों के साथ चल कर समाज को नई दिशा देने की अपील किया। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बजरंगबली की प्रतिमा स्थापित करके प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न किया गया। इस दौरान बसपा नेता नित्यानंद यादव, प्रबंधक परमात्मा पाण्डेय, कपिलदेव यादव उस्ताद, बलराम यादव, रविन्द्र यादव सहित खजुहा, डुमरी, नैनाझाला आदि गांवों के सैकडों ग्रामीण मौजूद रहे।

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