संतकबीरनगर:- पति के अर्थी के साथ ही उठी पत्नी की भी अर्थी -भैंसहियां गांव के हर श्ख्श के आंखो से निकली अश्रुधारा ( रिपोर्ट:- सत्य प्रकाश )

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पति के अर्थी के साथ ही उठी पत्नी की भी अर्थी -भैंसहियां गांव के हर श्ख्श के आंखो से निकली अश्रुधारा

रिपोर्ट:- सत्य प्रकाश

संत कबीर नगर।उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भैंसहियां निवासी कैंसर रोग से ग्रसित सेवानिवृत प्रधानाध्यापक की मौत हो गई।उनके अर्थी को सजाने और उठाने की तैयारी हो रही थी।तभी उनकी धर्म पत्नी इस सदमे को सहन नहीं कर सकी और मौत हो गई।इस तरह से पूरी जिन्दगी साथ जीने के बाद दोनो दम्पति की अर्थी भी एक साथ उठी और गांव के सिवान में दफन किया गया।जिसे लेकर पूरा गांव के लोगों की आंखों से अश्रुधारा निकल पड़ी।जो पूरे क्षेत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।
अग्नि को साक्षी मान सात फेरे लेते वक्‍त साथ जीने-मरने की संतकबीरनगर के सीताराम और उनकी पत्‍नी मालती की कसम पूरी हुई। करीब 70 साल की उम्र पार कर चुके इस दम्‍पत्ति का एक-दूसरे के लिए प्‍यार जानने वालों के बीच मशहूर था। सोमवार को जब दोनों ने चंद घंटों के अंतराल पर दुनिया को अलविदा कह दिया तो उन्‍हें जानने वाला हर शख्‍स रो पड़ा।यह घटना ग्राम पंचायत भैंसहिया की है।यहीं के निवासी 70 वर्षीय सीताराम परिषदीय विद्यालय से 10साल पूर्व प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। ।उसके बाद वह अपने के साथ समय व्यतीत करने लगे।उनके परिवार में 65 वर्षीय उनकी पत्नी मालती व तीन बेटे अशोक कुमार, दिलीप कुमार व कृष्ण कुमार और बेटी शिमला है।सभी बच्चों की शादी-विवाह भी कर चुके है।
बड़े बेटे दिलीप कुमार ने बताया कि पिता सीताराम को कैंसर रोग पीड़ित थे।जिसका एसपीजीआई लखनऊ से उपचार चल रहा था।उन्होनें बताया कि अचानक सोमवार को पिता की तबीयत अधिक बिगड़ गई।अभी उन्हें डाक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे तभी मृत्यु हो गई।उनके अन्तिम संस्कार को लेकर परिवार के लोग तैयारी कर ही रहे थे।जैसे ही अर्थी उठाने का वक्त जैसे आया,उसी दौरान मां मालती भी इस सदमे को सहन नहीं कर पाई और मौत हो गई
उन्होने बताया कि पिता और माता के निधन में मात्र दो घंटे के अंतराल में परिवार सदमे में है।इस घटना को लेकर गांव के लोग गमगीन भी थे। बेटे ने बताया कि पिता की इच्छा के अनुरुप गांव के सीवान में एक ही कब्र में मां-बाप के शवों को दफनाया गया।पीड़ित परिवार को गांव निवासी संत कुमार यादव, गुड्डू वर्मा, विजय यादव, नीलकमल मिश्र, राजकमल मिश्र, प्रधान अजय यादव, शैलेंद्र यादव, नितेश श्रीवास्तव, रमा शंकर लाल श्रीवास्तव आदि ने ढांढस बंधाया।

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